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किसान फसल बीमा की तारीख हुई घोषित, यहां देखें आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तिथि

नई दिल्ली  :  किसानों के हित के लिए सरकार कई बड़े कदम उठा रही है। ताकि देश के किसानों को खेती के लिए किसी तरह की परेशानी न हो। खेती-किसानी करना बेहद कठिन काम है। जिसको करने से अक्सर लोग भागते है। आज के समय में किसानों को खेती करने के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कभी प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों की फसल खराब हो जाती है तो कभी कीटाणुओं के कारण पूरी फसल बर्बाद हो जाती है। ऐसे हालात से निपटने के लिए पीएम फसल बीमा योजना किसानों के लिए काफी फायदेमंद है।

फसल बीमा की तारीख हुई घोषित

 इस योजना के तहत किसानों को बस पंजीयन करना होगा ताकि उस व्यक्ति की जानकारी सरकार के रिकॉर्ड में शामिल रहे। किसान फसल बीमा का अभी तक लाखों किसानों ने फायदा उठाया है। प्राकृतिक आपदाओं और कीट-पतंगों के प्रकोप से किसानों को भारी नुकसान पहुंचता है. ऐसी स्थितियां आने पर किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए संजीवनी का काम कर सकता है. फिलहाल, किसानों के पास 31 दिसबंर तक रबी फसलों के लिए बीमा करवा सकते है।

किसानों को इतना प्रीमियम देना पड़ता है

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को खरीफ फसलों के लिए 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और उद्यानिकी फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होता है। आपको बता दें कि सरकार ने हाल ही में दावा किया था कि पिछले 6 साल में किसानों द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम की तुलना में किसानों को मुआवजे के रूप में पांच गुना अधिक राशि दी गई है।

किसान 15 दिसंबर तक कर सकते है आवेदन

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने भी किसान भाइयों के लिए बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत अब प्रदेश के किसान फसल बीमा के तहत फसल ख़राब होने पर किसान मुआवज के हकदार होंगे। सरकार के इस फैसले के बाद किसान भाई निश्चिंत होकर सब्जियों की भी खेती कर सकते हैं. सब्जी की फसल बर्बाद होने की एवज में किसान मुआवजे के हकदार होंगे। जिसके लिए छत्तीसगढ़ के किसान 15 दिसंबर तक सब्जी फसलों की खेती करके फसल बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

72 घंटे के अंदर देनी होगी सूचना

इस योजना के तहत किसान को यदि व्यक्तिगत नुकसान भी हुआ है तो उसे इसका लाभ मिलेगा. पहले सिर्फ सामूहिक स्तर पर खराब फसल पर लाभ मिलता था. किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी के तहत मिल जाती है. किसान को फसल नुकसान होने की स्थिति में 72 घंटों के अंदर बीमा कंपनियों और कृषि विभाग को सूचना देनी होती है। इस योजना का फायदा उठाने के लिए किसान चाहे तो खुद ऑनलाइन आवेदन कर सकता है या फिर सीएससी सेंटर/ई-मित्र केंद्र पर आकर भी आवेदन कर सकता है।

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