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मूसेवाला मर्डर : भकना गांव में पांच घंटे चली मुठभेड़ , दो गैंगस्टर अमृतसर में ढेर

अमृतसर। पंजाब के फेमस सिंगर सिद्धूमूसेवाला (Sidhumoosewala) मर्डर में शामिल दो गैंगस्टरों (Gangasters ) को पंजाब पुलिस ने अमृतसर (Amritsar) में मौत के घाट उतार दिया है। इसके लिए भारत-पाक बॉर्डर से दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित भकना गांव में लगभग पांच घंटे तक मुठभेड़ चलती रही। इनमें मारे गए गैंगस्टर का नाम जगरूप सिंह रूपा और दूसरे का नाम मनप्रीत मन्नू है। इस पांच घंटे तक चले एनकाउंटर (Encounter) में पुलिस जवान भी जख्मी हुए हैं।इस संबंध में पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर एडीजीपी प्रमोद बान ने बताया है कि हम कुछ दिनों से इन गैंगस्टरों का पीछा कर रहे थे। हमारी टास्कफोर्स (Taskforce)इस संबंध में सक्रिय थी और टास्क फोर्स ने इलाके में कुछ मूवमेंट देखी। गुप्त सूचना मिलने के बाद सिद्धूमूसेवाल के मर्डर में शामिल दो गैंगस्टरों जगरूप सिंह रूपा और मनप्रीत सिंह मन्नू को ढेर कर दिया गया। टीम ने एनकाउंटर समाप्त होने पर देखा कि एक शूटर जगरूप सिंह रूपा की लाश वहां पड़ी हुई थी। वहीं उसके पास एके-47 और एक बैग भी पड़ा हुआ था। वहीं इस संबंध में पंजाब पुलिस डीजीपी प्रेस कांफ्रेंस भी करने वाले हैं। वहीं अटारी के आम आदमी के एमएलए जसविंदर राम दास ने दावा कि इस एनकाउंटर में चार गैंगस्टर मारे गए हैं।इन गैंगस्टरों के बारे में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी जगरूप रूपा और मनप्रीत मन्नू पाकिस्तान (Pakistan) भागने की तैयारी में हैं। वे अमृतसर जिले में इंडो-पाक इंटरनेशनल बॉर्डर के पास ठहरे हैं। पंजाब पुलिस पिछले 52 दिनों से इनकी तलाश में थी। ये दोनों भकना गांव में खेतों में बने एक मकान में छिपे हुए थे। भकना गांव के ग्रामीणों ने बताया कि यह घर खाली रहता है और यहां कोई भी नहीं रहता है। इस एकाउंटी को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, स्पेशल ऑपरेशन सेल, ऑगेनाइज्ड क्राइम कंट्रोल की युनिट के जवानों ने अंजाम दिया। वहीं पुलिस के बेस्ट शूटर और क्विक रिएक्शन टीम भी पहुंची हुई थी। इस दौरान पुलिस (Police) ने लगभग दो किलोमीटर तक का इलाका सील कर दिया था। इस मुठभेड़ के दौरान गैंगस्टरों ने भी पुलिस पर एके-47 से गोलियां दागीं। दो घंटे तक दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग (Firing) होती रही।पुलिस ने बताया कि सिद्धूमूसेवाल के मर्डर में यूज हुए हथियार इन्हीं गैंगस्टरों के पास थे। पुलिस पर भी इन्होंने इन्हीं हथियारों से हमला किया। मन्नू कुस्सा ने ही मूसेवाल को पहली गोली मारी थी। बताया जा रहा है कि शॉर्पशूटर (Sharpshooter) मन्नू कुस्सा गैंगस्टर लॉरेंस और कनाडा में रह रहे उसके साथी गोल्डी बराड़ का बहुत करीबी है। गांव मूसेवाला में एके-47 से पहली गोल मन्नू ने दागी थी। वहीं जेल में मन्नू की पिटाई का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। उसको शक था कि बंबीहा गैंग ने ही उसकी धुनाई करवाई है। इसी बात को लेकर वह गुस्से में था। मूसेवाल के मर्डर के बाद जगरूप सिंह रूपा और मनप्रीत मन्नू कुस्सा पंजाब में ही घूम रहे थे। सूत्रों ने बताया कि वे जून के अंत तक तरनतारन के एक गांव में छिपे रहे क्योंकि रूपा इसी गांव का था। उन्हें दूसरे तूफान नामक गैंगस्टर ने अपने फार्म हाउस में छिपाया हुआ था। इनके साथ गैंगस्टर रईया भी मौजूद था।वहीं पंजाब पुलिस अब गैंगस्टर लारेंस के वॉयस का सैंपल भी लेगी। क्योंकि उसकी आवाज को मूसेवाला के मर्डर (Murder) में रची गई साजिश की आवाज से मिलाया जाएगा। वहीं रंगदारी केसों में भी उसकी आवाज की जांच की जाएगी। मूसेवाला मर्डर में शामिल हुए छह शॉर्प शूअर में से कशिश उर्फ कुलदीप, प्रियवर्त फौजी और अंकित सेरसा को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने पकड़ा था। जगरूप रूपा, मनप्रीत मन्नू कुस्सा को मार गिराया गया है। दीपक मुंडी अब तक फरार है। पंजाब पुलिस (Police)ने इस केस में शार्प शूटर्स के 18 मददगारों और हत्या की साजिश रचने वालों को भी गिरफ्तार किया है।

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