Chhattisgarh

MP News: शादी का कार्ड भेजकर जालसाज कर रहे हैं ऑनलाइन ठगी, कार्ड खोला और बैंक अकाउंट हुआ खाली

MP News: अगर आपके पास भी एपीके फाइल में शादी का कार्ड आता है तो सावधान हो जाइए, उसे बिल्कुल न खोलें. दरअसल साइबर फ्रॉड करने वाले अलग-अलग तरीकों से लोगों को बेवकूफ बनाकर लूट रहे हैं. एक बार फिर शादी के कार्ड और आमंत्रण पत्र के जरिए लोगों से ठगी करने का नया तरीका सामने आया है. साइबर फ्रॉड करने के लिए अपराधी किसी भी नंबर को हाईजैक कर लेते हैं और उसी नंबर से परिचित लोगों को फाइल भेजकर अपने मंसूबों को अंजाम देते हैं.
मोबाइल हाईजैक कर फ्रॉड को अंजाम दिया.

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में इसी तरह का मामला सामने आया है, जहां मोबाइल हाईजैक कर इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दिया जा रहा है. पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने लोगों से इस तरह के साइबर फ्रॉड में न फंसने की अपील की है. बताया गया है कि अब तक जिले में एक दर्जन से ज्यादा लोग इस ठगी की चपेट में आ चुके हैं, जिनके बैंक खातों से राशि ट्रांसफर कर ली गई है. ठग शादी के कार्ड, चालान और बिजली बिल के नाम पर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर रहे हैं.

शादी का कार्ड खोलते ही खाली हो गया बैंक खाता

लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए रीवा पुलिस ने आमजन के लिए साइबर एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है. पीड़ितों में शामिल ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि उनके भतीजे को अविवाहित दोस्त के व्हाट्सएप नंबर से शादी का कार्ड आया था. उन्होंने इसे दोस्त की शादी का शुभ संदेश समझा और बिना किसी संदेह के भेजे गए संदेश को खोल लिया. इसके कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल हैंग होने लगा और फिर पूरी तरह हैक हो गया. हैकिंग के बाद उनके बैंक खाते से पैसे ट्रांजैक्शन हो गए. बाद में पता चला कि दोस्त का व्हाट्सएप पहले ही हैक हो चुका था और उसी के जरिए यह फाइल आगे भेजी जा रही थी. साइबर थाना प्रभारी वीरेंद्र पटेल ने बताया कि साइबर अपराधी ईमेल, व्हाट्सएप, टेलीग्राम सहित अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं.

एपीके फाइल खोलते ही मोबाइल का कंट्रोल अपराधियों के हाथ में

इतना ही नहीं, साइबर अपराधी बिजली बिल, टेलीफोन बिल और ऑनलाइन सामान मंगवाने वाली वेबसाइटों के नाम पर भी इस तरह की फाइल भेजकर ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं. साइबर क्राइम से जुड़े अपराधी पहले किसी भी तरह की फाइल भेजते हैं. जैसे ही मोबाइल धारक उस फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करता है, उसका मोबाइल हाईजैक हो जाता है. इसके बाद मोबाइल का पूरा कंट्रोल साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है. फिर ओटीपी, पासवर्ड और बैंक डिटेल के जरिए खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं. रीवा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध एपीके फाइल को डाउनलोड न करें. शादी का कार्ड या बैंक से जुड़ी कोई भी सूचना एपीके फाइल के रूप में नहीं आती. केवल गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें और मोबाइल में अन्य विकल्प बंद रखें.

साइबर की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं. पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है और लोगों को यह बताने का प्रयास कर रही है कि वे ठगी का शिकार न हों. आने वाले समय में और भी प्रभावी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए रीवा पुलिस ने आमजन के लिए साइबर एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है. पीड़ितों में शामिल ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि उनके भतीजे को अविवाहित दोस्त के व्हाट्सएप नंबर से शादी का कार्ड आया था. उन्होंने इसे दोस्त की शादी का शुभ संदेश समझा और बिना किसी संदेह के भेजे गए संदेश को खोल लिया. इसके कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल हैंग होने लगा और फिर पूरी तरह हैक हो गया.

हैकिंग के बाद उनके बैंक खाते से पैसे ट्रांजैक्शन हो गए. बाद में पता चला कि दोस्त का व्हाट्सएप पहले ही हैक था और उसी के जरिए फाइल आगे भेजी जा रही थी. साइबर थाना प्रभारी वीरेंद्र पटेल ने बताया कि साइबर अपराधियों द्वारा ईमेल, व्हाट्सएप, टेलीग्राम सहित अन्य इंटरनेट मीडिया साइट के जरिए इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दिया जा रहा है.

Desk idp24

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