बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग विपक्ष के निशाने पर, आयोग ने दी सफाई और अपील

पटना। बिहार चुनाव 2025 से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां हैं और निष्पक्षता पर संदेह है। इन आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग ने विपक्ष को सख्त लेकिन स्पष्ट संदेश दिया है।
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आयोग ने कहा कि बेबुनियाद आरोपों से कुछ हासिल नहीं होगा, बल्कि वक्त की बर्बादी होगी। इसके बजाय, सभी राजनीतिक दलों को हर मतदान केंद्र पर अपने BLA (Booth Level Agent) नियुक्त करने चाहिए, ताकि मतदाता सूची को संविधान और कानून के अनुरूप पारदर्शी बनाने में मदद मिले।
चुनाव आयोग ने यह भी अपील की कि पार्टियां संजीदगी से इस प्रक्रिया में शामिल हों और चुनावी व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें।
इससे पहले कांग्रेस और विपक्षी INDIA गठबंधन ने 30 जून को आयोग को ईमेल भेजकर मतदाता सूची में संशोधन को लेकर आपात बैठक की मांग की थी। कांग्रेस ने दावा किया कि वह बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से बात कर रही है और INDIA गठबंधन के कई दल इसमें शामिल हैं।
हालांकि, आयोग ने जब दलों से इस बैठक में उपस्थिति की पुष्टि मांगी, तो किसी भी पार्टी ने औपचारिक पुष्टि नहीं की। ऐसे में आयोग ने 2 जुलाई को होने वाली प्रस्तावित बैठक को स्थगित कर दिया है।
बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर विपक्ष और सत्ताधारी दलों के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।









