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वनकर्मी के पद पर पदस्थापना से लेकर उपवनमडंलाधिकारी बनने तक का सफर का डगर नही था,आसान…….

अभिषेक सिंह की खबर iDP24 NEWS…..

अम्बिकापुर-सरगुजा संभाग के अन्तर्गत आने वाले बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र मे वनपरिक्षेत्राधिकारी के पद पर पदस्थ रहते हुये प्रमोशन पाकर उपवनमडंलाधिकारी बन चुके अखिलेश मिश्रा के संबंध में बता दे की जनरलकास्ट के होते हुये भी वनकर्मी के पद पर पदस्थापना से लेकर उपवनमडंलाधिकारी का पोस्ट प्राप्त करने तक का सफर का डगर नही था,आसान फिर भी वन विभाग में इनकी पदस्थापना एक वन कर्मी से शुरू हुई थी, जो वर्तमान समय में वन विभाग के उपवनमडंलाधिकारी बन चुके हैं।तो हम रेन्जर अखिलेश मिश्रा के संबंध में यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि वन विभाग के सबसे निम्न पद पर पदस्थ होकर उपवनमडंलाधिकारी बनने तक का सफर आसान नहीं होता है।लेकिन इनकी कार्यप्रणाली को लेकर वन विभाग में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले रेन्जर अखिलेश मिश्रा का कार्य और सीआर काफी बेहतर रहा होगा जिस वजह से छत्तीसगढ़ राज्य के वन विभाग द्वारा इनके कार्य को ध्यान में रखते हुए प्रमोट किया गया।बेदाग छबी की वजह से इनके प्रमोशन के सफर मे किसी प्रकार की कोई अडचन का नही आना ही इनकी सबसे बडी उपलब्धि है।जबकि एक स्थानीय न्यूज पेपर द्वारा इन पर यह आरोप भी लगा दिया गया था ,कि कई वर्षों से ये एक वनपरिक्षेत्र मे पदस्थ है।लेकिन यह कोई मायने नही रखता की एक ही वनपरिक्षेत्र मे ये वर्षों से पदस्थ है।ब्लकी मायने यह रखता है की इनकी कार्यशैली किस प्रकार की है।इस बात का एक छोटा उदाहरण है कि सरगुजा जिले मे पदस्थ रेन्जरो मे मात्र कुछ गिने चुने रेन्ज आफिसरो मे चन्देल साहब,अशोक तिवारी अनिल सिंह पैकरा सहित कुछ और रेन्जर भी है,जो कार्यशैली की वजह से वन विभाग में अपनी एक अलग पहचान बनाते हुऐ प्रमोशन पाकर वन विभाग के उपवनमडंलाधिकारी के रुप मे पदस्थ हुऐ । इतना ही नही सरगुजा जिले के वन विभाग में उपवनमडंलाधिकारी के रुप मे चन्देल साहब अपनी सेवा देते हुऐ रिटायर्ड भी हुये लेकिन इनकी कार्यशैली को देखते हुये इन्हें पुनः सीसीएफ कार्यालय में प्रबंध संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। अखिलेश मिश्रा जैसे अधिकारी का वन विभाग मे पदस्थ होना सरगुजा संभाग के लिए गर्व की बात हो सकती है।

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