Aaj ka Panchang 30 Nov 2023: आज संकष्टी चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग का हो रहा है निर्माण, पढ़ें पंचांग

देश भर में आज गणाधिप संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है। इस शुभ अवसर पर छोटे-बड़े सभी मंदिरों में विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा की जा रही है। पंचांग के अनुसार गणाधिप संकष्टी चतुर्थी तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग समेत कई अद्भुत संयोग बन रहे हैं। इन योग में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से कई गुना फल प्राप्त होता है।
नई दिल्ली / आज गणाधिप संकष्टी चतुर्थी है। यह पर्व हर वर्ष मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश की पूजा की जाती है। ज्योतिषियों की मानें तो आज गणाधिप संकष्टी चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। साथ ही कई अन्य अद्भुत संयोग भी बन रहे हैं। इन योग में भगवान गणेश की पूजा करने से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होती है। आइए, पंडित हर्षित जी से आज का पंचांग और राहुकाल का समय जानते हैं-
शुभ मुहूर्त
मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 1 दिसंबर को दोपहर 03 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी। आज चंद्र दर्शन का समय शाम में 07 बजकर 54 मिनट पर है।
योग
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग और शुभ योग का निर्माण हो रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण 01 दिसंबर को प्रातः काल 06 बजकर 56 मिनट तक है। शुभ योग संध्याकाल 08 बजकर 15 मिनट तक है। इन योग में भगवान गणेश की पूजा करने से साधक को सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय – सुबह 06 बजकर 55 मिनट पर
सूर्यास्त – शाम 17 बजकर 24 मिनट पर
चंद्रोदय- शाम 07 बजकर 54 मिनट पर
चंद्रास्त- सुबह 09 बजकर 45 मिनट पर
पंचांग
ब्रह्म मुहूर्त – 05 बजकर 07 मिनट से 06 बजकर 01 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से 02 बजकर 36 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 21 मिनट से 05 बजकर 48 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 11 बजकर 43 मिनट से 12 बजकर 37 मिनट तक
अशुभ समय
राहुकाल – दोपहर 01 बजकर 28 मिनट से 02 बजकर 47 मिनट तक
गुलिक काल – सुबह 09 बजकर 32 मिनट से 10 बजकर 51 मिनट तक
दुष्टमुहूर्त- सुबह 10 बजकर 25 मिनट से 11 बजकर 07 मिनट तक
कंटक- दोपहर 02 बजकर 36 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट तक
यमघण्ट – सुबह 07 बजकर 37 मिनट से 08 बजकर 19 मिनट तक
कुलिक- सुबह 10 बजकर 24 मिनट से 11 बजकर 06 मिनट तक
कालवेला या अर्द्धयाम- शाम 04 बजे से 04 बजकर 41 मिनट तक
यमगण्ड- सुबह 06 बजकर 55 मिनट से 08 बजकर 13 मिनट तक
दिशा शूल – दक्षिण
ताराबल
अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर









