Chhattisgarh

ग्रामीणों ने शावक हाँथी की मौत पर दशकर्म और नव हांथी के जन्म पर छट्टी का किया आयोजन

रायगढ़। घरघोडा के पुसल्दा ग्रामवासियों ने पुरे विधि-विधान से शावक हांथी की मौत का मातम और नव हांथी के पैदा होने पर ख़ुशी के साथ छट्टी मनाया। साथ ही साथ हांथीयो के दल को सुरक्षित रखने व जंगल की तरफ जाने के लिए पूजा अर्चना किया गया। ग्रामीणों में हाथी को लेकर बहुत आस्था है। वनवासी हाथी को भगवान गणेश का रूप मानकर और उसकी पूजा करते हैं। गांव में हुए हाथी के मौत से कोई अनिष्ट न हो इसलिए मृत हाथी की आत्मा की शांति के लिए दशकर्म का आयोजन किया।दशकर्म में ग्रामीणों द्वारा पूजन हवन किया गया.

ग्रामीणों का मानना है कि मृत हाथी के दशकर्म के बाद अन्य हाथी भी उन्हें व उनके फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। इस लिये ये पूजा पाठ किया गया है।

एक नजर डालते है क्या है पूरा मामला

दरसल, वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत पुसल्दा में कुछ दिन पूर्व करंट की चपेट में आने से एक शावक हांथी की मौत हो गई थी. पिछले कुछ दिनों से जंगली हाथियों के समूह को देखा जा रहा था। कई दिनों से वह इस इलाके में घूम रहे थे। भोजन की तलाश में भटक रहे हाथी को कई ग्रामीण इलाकों से भगाया गया। अचानक एक हाथी के बिजली के तार के संपर्क में आने से मौत हो गयी। इस मौत ने ऐसी कई घटनाओं में जान गंवाने वाले हाथियों पर एक सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन, गम के साथ खुशी की बात है जंगल मे विचरण करते हुए हंथनी ने एक बच्चे को जन्म दिया है इसी को लेकर गांव वाले ने दशकर्म के साथ छट्ठी का भी पूजा पाठ किया।

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