एक और नया जिला? : भानुप्रतापपुर वासियों की मांग क्या पूरा करेगी भूपेश सरकार?

भानुप्रतापपुर : विधानसभा उपचुनाव के लिए तारीख का ऐलान हो चुका है। निर्वाचन आयोग के अनुसार भानुप्रतापपुर सीट पर 5 नवंबर को उपचुनाव होना है। उपचुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने पूरी तैयारी कर ली है। इस बीच जनता भी उम्मीद लगाए बैठी है कि सरकार इस उपचुनाव में उनकी मांगों को पूरा कर सकती है। अब देखना होगा कि इस उपचुनाव में भानुप्रतापपुर वालों की मांगें पूरी होगी या नहीं? अविभाजित बस्तर जिले में 80 के दशक में मात्र 8 तहसीलें थी, जिसमें कांकेर, भानुप्रतापपुर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, कोंटा तथा बीजापुर थी। एक-एक करके इसमें से 7 तहसीलों को जिला का दर्जा मिल चुका है, लेकिन भानुप्रतापपुर को अब तक जिला नहीं बनाया गया है।
उस समय के तहसीलों में केवल भानुप्रतापपुर ही जिला बनने से बाट जोह रहा है। इसके लिए क्षेत्र के लोग लगातार जिला बनाने की मांग करते आ रहे हैं। वहीं राज्य सरकार के द्वारा पिछले 2 उपचुनाव में जिला बनाने की घोषणा को अमल करते हुए मारवाही व खैरागढ़ को जिला बना दिया है। अब भानुप्रतापपुर में भी उपचुनाव है, जिससे क्षेत्र के लोग में काफी उम्मीद है कि भानुप्रतापपुर को भी अब जिला बनाया जाए और यह स्वर्गीय मनोज सिंह मंडावी का भी सपना था और लगातार सीएम भूपेश बघेल को इसके लिए अपनी मांग रख चुके थे।







