Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर सियासी बयानबाजी तेज, सीएम और भूपेश बघेल आमने-सामने

रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश से नक्सलवाद के समाप्त होने की खबरों के बीच सियासी विवाद भी उभर आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नक्सलवाद के मुद्दे पर बहस की चुनौती दी है। बघेल का कहना है कि कांग्रेस की सरकार के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार को नक्सल समस्या से निपटने में पूरा सहयोग दिया गया, लेकिन संसद में अमित शाह ने यह झूठ बोला कि किसी प्रकार का सहयोग नहीं हुआ। बघेल ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने नक्सल मोर्चे पर जोखिम उठाकर विकास कार्य किए।


सीएम विष्णुदेव साय का जवाब

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस विवाद पर कहा कि 31 मार्च का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि हमारे जवानों के साहस से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में बड़ी बाधा था। 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया था और उनका यह संकल्प सफल हुआ। अब बस्तर क्षेत्र तेजी से विकास करेगा।

सीएम साय ने भूपेश बघेल के आरोपों को असत्य बताते हुए कहा कि उनकी बातें सिर्फ अपनी कमजोरियों को छुपाने का प्रयास हैं। दिसंबर 2023 में सरकार बनने के तुरंत बाद नक्सल प्रभावित जिलों की समीक्षा में पता चला कि प्रदेश में 75 फीसदी नक्सलवाद फैला हुआ था। अगर तत्कालीन सरकार ने माओवाद के खिलाफ दृढ़ता और सही नियत के साथ कार्रवाई की होती तो आज यह स्थिति नहीं बनती।


झीरम घाटी और राहुल गांधी को लेकर बयान

झीरम घाटी कांड के सबूत को लेकर सीएम साय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के समय नेता प्रतिपक्ष रहते हुए उन्होंने दावा किया था कि उनके पास सबूत हैं, लेकिन न तो जांच करवाई गई और न ही कोई सबूत सामने आया।

सीएम ने राहुल गांधी की देश जोड़ो यात्रा का हवाला देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान कई स्थानों पर नक्सलियों ने उनके साथ मंच साझा किया। हिडमा जैसे दुष्ट नक्सली को न्यूट्रिलाइज किया गया, जिन्होंने सैंकड़ों लोगों और जवानों की हत्या की। इस पर लोगों द्वारा लगाए गए नारों और ट्वीट्स को लेकर सीएम ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब राहुल गांधी के समर्थन का प्रमाण नहीं बनता।

Desk idp24

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