आज नवरात्रि के 6वें दिन , मां कात्यायनी की होगी पूजा , जानें पूजा विधि और उपाय

चैत्र नवरात्रि( chaitra navratri) छठा दिन मां दुर्गा की छठी शक्ति मां कात्यायनी को समर्पित है. ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण इनका नाम कात्यायनी रखा गया. मां कात्यायनी की पूजा से विवाह संबंधी मामलों के लिए अचूक मानी गई है।मान्यता है कि इनकी कृपा से मनचाहा वर और प्रेम विवाह की सभी अड़चने दूर हो जाती है
चैत्र शुक्ल षष्ठी तिथि शुरू – 26 मार्च 2023, दोपहर 04.32
चैत्र शुक्ल षष्ठी तिथि समाप्त – 27 मार्च 2023, शाम 05.27
गोधूलि मुहूर्त – शाम 06.35 – शाम 06.58
मां कात्यायनी की पूजा विधि (Maa Katyayni Puja Vidhi)
मां कात्यायनी का संबंध बृहस्पति और आंशिक संबंध शुक्र से भी है. ऐसे में इनकी पूजा में पीले रंग का ज्यादा प्रयोग करें. देवी कात्यायनी की उपासना गोधूलि वेला में करें. इस समय दूध में केसर मिलाकर देवी कात्यायनी का अभिषेक करें. रोली, मौली, हल्दी, अक्षत, फूल अर्पित करें. ॐ देवी कात्यायन्यै नमः का एक माला जाप करें. माता को शहद का भोग बहुत प्रिय है. आरती करें और फिर जागरण कर देवी के भजन-कीर्तन करें.
मां कात्यायनी के मंत्र (Maa Katyayni Mantra)
क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:।
चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि
या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥









