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Chhattisgarh Express: यात्रियों की जान के साथ हो रहा खिलवाड़, ट्रेन में नशाखोरी को बढ़ावा दे रहे अटेंडर

रायपुर। लगता है भारतीय रेलवे ने यात्रियों को पूरी तरह से परेशान करने का मन बना लिया है। सरल सुगम व सस्ती यात्रा के चलते पहली प्राथमिकता ट्रेन को देने वाले यात्रियों को अब सबसे ज्यादा ट्रेन की यात्राएं मुश्किल लगने लगी है। एक ओर जहां लगातार ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों के आवागमन में मुश्किलें हो रही हैं तो वही आए दिन बदल रहे नियम कानूनों ने भी यात्रियों को मुसीबत में डाल दिया है।

इसके इतर अगर यात्री ट्रेन में सफर करने चढ़ भी जाएं तो वहां गंदगी का अंबार भरा मिलता है। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के एसी कोच की बात करें तो इस ट्रेन के एसी कोच में गंदगी पूरी तरह अपने पैर पसार चुकी है। कोरोना वायरस के चलते जिस तरह से रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ट्रेन को पूरी तरह हाइजीन रखने और सुरक्षा का ध्यान रखने का दावा किया था उनके सारे दावे खोखले नजर आ रहे हैं। रेल बोगियों में मच्छर मक्खीयों ने अपना अड्डा जमा लिया है।

बाथरूम में सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। वहीं एसी बोगी पूरी तरह जनरल कोच का डब्बा बन चुका है। इसके अलावा आईआरसीटीसी के तहत एसी कोच में अपनी सेवाएं देने वाले ऐसी अटेंडर पूरी तरह नशे में धुत नजर आते हैं। इतना ही नहीं एक्स्ट्रा मुनाफा कमाने की होड़ में यात्रियों को शराब गुटखा सिगरेट भी लाकर अटेंडर परोसने का काम कर रहे हैं और यदि यात्रियों द्वारा इस संबंध में अटेंडर से जवाब तलब किया जाता है तो अटेंडेड सीधे मुंह बात करना जरूरी नहीं समझते। और तो और नशे में लिप्त ये अटेंडर यात्रियों से ही उलझ जाते हैं।

इसके अलावा लंबा सफर तय करने वाले यात्री अगर ट्रेन में मिलने वाले खाने के भरोसे बैठे हैं। तो उन्हें भी भरकस लूटने का प्रयास किया जा रहा है। रायपुर से निजामुद्दीन का सफर करने के लिए छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यात्रा करने के दौरान एक पत्रकार साथी ने आंखों देखा हाल बयां किया है। जहां पैंट्री इंचार्ज गंगा सिंह बड़ोदिया के नेतृत्व में यात्रियों को बेहद निम्न स्तर का खाना परोसा जा रहा है। चाय के नाम पर गर्म पानी उबाल कर दे दी जा रही है। वहीं, खाने की क्वालिटी पूरी तरह से निम्न स्तर की कर दी गई है। लंबा यात्रा करने वाले लोगों को मजबूरी में अपना पेट भरने के लिए खाने का उपयोग करना पड़ रहा है। जिसके चलते कई तरह की बीमारियों की चपेट में आने के भी आसार हैं। शुद्धता सफाई और स्वच्छता के नाम पर आईआरसीटीसी पूरी तरह रेल मंत्रालय के बातों को धता बता रही है। यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

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