Mahasamund

हिरण का शिकार,वन अमले का खुला पोल! आपसी मिलीभगत….

महासमुंद। जिले के ग्राम पटेवा से हिरण के शिकार का मामला सामने आया है। जहां चार शिकारी हिरण का शिकार कर लौट रहे थे इस दौरान पटेवा पुलिस ने चारों शिकारियों को शिकार हुए हिरन के साथ गिरफ्तार कर लिया है। चारों आरोपी बावनकेरा निवासी हैं। चारों आरोपियों ने लोहारडीह के जंगल में बंदूक से हिरण का शिकार किया है. मृत मादा हिरण की उम्र लगभग चार साल है। सोचने वाली बात यह है कि वन विभाग अमला के होते हुए भी आखिर यह चारों आरोपी जंगल तक कैसे पहुंचे और हिरण का शिकार भी कर लिया। लेकिन वन विभाग के अधिकारीयों को इसकी भनक नहीं लगी।

हिरण के शिकार होने के बाद पटेवा पुलिस ने शनिवार सुबह चार बजे महासमुंद के वन परिक्षेत्र लोहारडीह के जंगल से हिरण का शिकार कर ले जा रहे चार आरोपितों को गिरफतार कर वन विभाग से सुपुर्द कर दिया है।

गौरतलब है कि शनिवार सुबह चार बजे के लगभग पटेवा थाना प्रभारी कुमारी चंद्राकर गस्त पर निकली थी। तभी उन्हें एक मोटर सायकल पर शकिल खान, जमील खान नजर आए।पुलिस को देखते ही दोनों आरोपित भागने का प्रयास करने लगे। पटेवा पुलिस को उन पर संदेह हुआ और उन्हें रोक कर पूछताछ की। सन्देह पर तलाशी ली तो उनके पास मोटर सायकिल में रखी बोरी में एक हिरण मृत हालत में पाया गया।


पूछताछ पर आरोपितों ने बताया कि वो दोनों अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हिरण का शिकार करने लोहारडीह के जंगल गए थे। पटेवा पुलिस ने शकील खान, जमील खान के दो अन्य साथी मजीद खान, निजामुद्दीन सभी निवास बावनकेरा को गिरफ्तार किया। आरोपितों के पास से हिरण शिकार करने का अत्याधुनिक बंदूक नाइट विजन सहित बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपितों को वन विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए सौप दिया है।वन विभाग का अमला मृत हिरण का पीएम कराकर अंतिम संस्कार में जुटा।

इस मामले में सरासर वन विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। वहीं सूत्रों की माने तो इस मामले में 1 लाख रुपये के लेनदेन की बात भी सामने आ रही है। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन लगातार हो रहे शिकार मामले में अगर गौर फरमाया जाए तो यह बात स्पष्ट है कि वन अमला ईमानदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाने में असमर्थ नजर आ रहा है। पुलिस द्वारा शिकार कर आ रहे आरोपियों को पकड़ा गया लेकिन शिकार करने जंगल पहुंचे इन आरोपियों को जंगल की रखवाली करने वाले वन विभाग देख भी नहीं पाए! यह हैरान करने वाली बात है।

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