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UP निकाय चुनाव में आरक्षण पर फिर टली सुनवाई, इलाहाबाद हाईकोर्ट में कल फिर होगी सुनवाई

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के मामले पर अप भी पेंच पंसा हुआ है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन सुनवाई हुई लेकिन कुछ भी फैसला न हो सका। निकाय चुनाव के नोटिफिकेशन पर लगी रोक को एक दिन के लिये और बढ़ा दिया गया। हाईकोर्ट इस मामले पर कल फिर सुनवाई करेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ लगातार चार दिनों से निकाय चुनावों में आरक्षण के मामले पर सुनवाई कर रही है। इससे पहले गुरूवार को भी कोर्ट में मामले को लेकर सुनवाई हुई थी लेकिन कोर्ट में फैसला टल गया था।

इसके साथ ही हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने निकाय चुनाव के नोटिफिकेश पर लगी रोक को आज तक के लिये यानी एक दिन लिये बढ़ा दिया था, जो अब तक कल शनिवार तक जारी रहेगी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में आज भी दोनों पक्षों की बहस हुई, जिसके बाद अदालत ने नगरीय निकाय निर्वाचन से संबंधित स्टे को एक दिन यानी कल तक के लिए बढ़ा दिया था। अदालत के आदेश पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आरक्षण को लेकर सोमवार को कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया था। अपने इस जवाब में सरकार ने 2017 में हुए ओबीसी के सर्वे को आरक्षण का आधार माना। राज्य सरकार इसी आधार पर नगर निकाय में सीटों का आरक्षण भी जारी कर चुकी है।उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के मामले पर अप भी पेंच पंसा हुआ है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन सुनवाई हुई लेकिन कुछ भी फैसला न हो सका। निकाय चुनाव के नोटिफिकेशन पर लगी रोक को एक दिन के लिये और बढ़ा दिया गया। हाईकोर्ट इस मामले पर कल फिर सुनवाई करेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ लगातार चार दिनों से निकाय चुनावों में आरक्षण के मामले पर सुनवाई कर रही है। इससे पहले गुरूवार को भी कोर्ट में मामले को लेकर सुनवाई हुई थी लेकिन कोर्ट में फैसला टल गया था। इसके साथ ही हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने निकाय चुनाव के नोटिफिकेश पर लगी रोक को आज तक के लिये यानी एक दिन लिये बढ़ा दिया था, जो अब तक कल शनिवार तक जारी रहेगी।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में आज भी दोनों पक्षों की बहस हुई, जिसके बाद अदालत ने नगरीय निकाय निर्वाचन से संबंधित स्टे को एक दिन यानी कल तक के लिए बढ़ा दिया था। अदालत के आदेश पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आरक्षण को लेकर सोमवार को कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया था। अपने इस जवाब में सरकार ने 2017 में हुए ओबीसी के सर्वे को आरक्षण का आधार माना। राज्य सरकार इसी आधार पर नगर निकाय में सीटों का आरक्षण भी जारी कर चुकी है।

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