Chhattisgarh

पंचांग : प्रदोष व्रत की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें महादेव को प्रसन्न करने का सही मुहूर्त

पंचांग : आज 30 मार्च, 2026 सोमवार, के दिन चैत्र महीने की शुक्ल द्वादशी तिथि है. भगवान विष्णु के द्वारा इस तिथि का नियंत्रण होता है. नई योजना बनाने और रणनीति विकसित करने, धन दान करने और उपवास करने के लिए अच्छा दिन माना जाता है. आज कामदा एकादशी का पारण है. आज सोम प्रदोष व्रत भी है.

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30 मार्च का पंचांग

  1. विक्रम संवत : 2082
  2. मास : चैत्र
  3. पक्ष : शुक्ल द्वादशी
  4. दिन : सोमवार
  5. तिथि : शुक्ल द्वादशी
  6. योग : शूल
  7. नक्षत्र : मघा
  8. करण : बलव
  9. चंद्र राशि : सिंह
  10. सूर्य राशि : मीन राशि
  11. सूर्योदय : सुबह 06:14 बजे
  12. सूर्यास्त : शाम 06:38 बजे
  13. चंद्रोदय : शाम 04.11 बजे
  14. चंद्रास्त : सुबह 05.04 बजे (31 मार्च)
  15. राहुकाल : 07:47 से 09:20
  16. यमगंड : 10:53 से 12:26

इस नक्षत्र में किसी भी शुभ कार्य से करें परहेज
आज के दिन चंद्रमा सिंह राशि और मघा नक्षत्र में रहेंगे. इस नक्षत्र का विस्तार 0 से 13:20 डिग्री तक सिंह राशि में फैला है. इसके देवता पितृगण और नक्षत्र स्वामी केतु हैं. यह उग्र और क्रूर प्रकृति का नक्षत्र है. किसी भी तरह का शुभ कार्य, यात्रा, उधार धन देने या लेने का काम इस नक्षत्र में नहीं करना चाहिए. शत्रुओं के विनाश की योजना बनाने का काम इस नक्षत्र में किया जा सकता है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 07:47 से 09:20 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

Surendra Sahu

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