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पालतू कुत्ते से सावधान: महिला की फेफड़े से निकले 25 गुब्बारे,जाने कहीं आप भी तो नहीं इस सिस्ट के शिकार

रायपुर। रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में डॉक्टरों ने एक 23 वर्षीय महिला के फेफड़े से 25 से अधिक हाइडेटिक सिस्ट निकालें गए। यह चेस्ट महिला के फेफड़ों में चिप के थे डॉक्टरों का कहना है कि गुब्बारे जैसे दिखने वाले यह सिस्ट कुत्तों से फैलता है।
सर्जरी अंबेडकर अस्पताल के हार्ट,चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में की गई। डॉक्टरों के अनुसार हाइडडेटिक सिस्ट इकाईनोकोकस ग्रेनुलोसस नामक क्रीमी से शरीर में बनता है। यह एक विशेष प्रकार के कीड़े का अंडा होता है जिस पर कवर चढ़ा होता है। यह अंडा धीरे-धीरे शरीर के अंग में पहुंचता है और आकार में बड़ा होना शुरू हो जाता है। ऐसे सिस्ट शरीर के अंदर सबसे ज्यादा लीवर व फेफड़े में पाए जाते हैं। इसके अलावा मस्तिष्क व आंत के साथ यह हार्ट के अंदर भी बन जाता है,जो जानलेवा होता है।

यह सिस्ट कीड़ा,कुत्ते,लोमड़ी के पेट में पाया जाता है। इनके मल के जरिए यह खुले में पहुंचता है। पशु चिकित्सक डॉ पदम जैन का कहना है कि, पूरी तरह से हाइजीन का ध्यान नहीं रखने से यह समस्या आती है। डॉक्टर जैन सलाह देते हैं कि,किसी भी जानवर को पाल रहे हैं तो स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें। इसके अलावा जिनके घरों में कुत्ते पाले जाते हैं वहां बच्चों में भी यह सिस्ट बनता है।

बता दें करीब 8 महीने से सांस की तकलीफ झेल रही महिला का इलाज अस्थमा समझकर किया जा रहा था। महिला की बहुत ही ज्यादा सांस फूलने लगी। दिक्कत इतनी बढ़ गई कि वह ठीक से लेट भी नहीं पा रही थी। जिसके बाद उन्हें अंबेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ कृष्ण कांत साहू के पास भेजा गया। डॉ साहू के मुताबिक छाती का एक्स-रे एवं सिटी स्कैन कराने पर पता चला कि महिला का बाया फेफड़ा पूरा खराब हो चुका है। ऑपरेशन से पहले महिला को कृमि नाशक गोली दी गई। ताकि ऑपरेशन के दौरान या बाद में दूसरे अंगों में यह कृमि न फैले। ऑपरेशन के बाद महिला पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर जाने के लिए तैयार है।

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