शहडोल में बड़ी कार्रवाई, 30 बेजुबान मवेशियों को बचाकर पुलिस ने रची जा रही मौत की साजिश नाकाम की

मध्य प्रदेश : शहडोल जिले में पुलिस ने एक बड़ी और संवेदनशील कार्रवाई करते हुए 30 बेजुबान मवेशियों को तस्करों के चंगुल से बचा लिया है। यह मवेशी बेरहमी से ट्रकों में ठूंसकर उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित कत्लखानों की ओर ले जाए जा रहे थे।सीधी थाना पुलिस की तत्परता से यह पूरी साजिश समय रहते नाकाम हो गई, जिससे एक बड़ा पशु तस्करी नेटवर्क भी उजागर हुआ है।
नाकेबंदी में पकड़े गए दो ट्रक, भागने की कोशिश नाकाम
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध ट्रक अवैध रूप से मवेशियों को लेकर इलाके से गुजर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने कुदरी इलाके में ओदारी नदी पुल पर नाकेबंदी कर दी।जैसे ही ट्रकों को रोकने की कोशिश की गई, चालक उन्हें कच्ची सड़क की ओर मोड़कर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों वाहनों को पकड़ लिया।
ट्रक के अंदर का नजारा देखकर दंग रह गई पुलिस
तलाशी के दौरान पुलिस को ट्रकों के अंदर भयावह स्थिति मिली। मवेशियों के सिर और पैर रस्सियों से कसकर बांधे गए थे ताकि वे हिल-डुल भी न सकें।गंदगी और दमघोंटू हालात में मवेशी तड़प रहे थे, जबकि उनके लिए न तो हवा का इंतजाम था और न ही पानी की कोई व्यवस्था।
चार आरोपी गिरफ्तार, दो ट्रक और मवेशी जब्त
इस मामले में पुलिस ने दो चालकों अली असगर और सनी साकेत को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि यह पूरा काम ट्रक मालिक मोबिन खान और सौरभ जायसवाल के इशारे पर किया जा रहा था।पुलिस ने दोनों ट्रकों के साथ करीब 15 लाख रुपये मूल्य के मवेशी और लगभग 30 लाख रुपये कीमत के वाहन जब्त किए हैं।
सख्त धाराओं में मामला दर्ज, गौशाला भेजे गए मवेशी
आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और मध्य प्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।सभी 30 मवेशियों को सुरक्षित रूप से स्थानीय गौशाला में भेज दिया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी अनहोनी
इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने न केवल मवेशियों की जान बचाई बल्कि एक संगठित पशु तस्करी रैकेट पर भी करारा प्रहार किया है।









