CG Cyber Fraud: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर शिक्षिका से 4.5 लाख की ठगी, सरगुजा में सनसनी

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षिका को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। ठगों ने खुद को रायपुर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए महिला को फंसाया और धीरे-धीरे बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली।
अश्लील कंटेंट का आरोप लगाकर दी गिरफ्तारी की धमकी
गांधी नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता को 19 मार्च को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को अधिकारी बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने इंटरनेट पर आपत्तिजनक सामग्री देखी है, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
ठगों ने डर का माहौल बनाते हुए कहा कि अगर गिरफ्तारी से बचना है, तो ‘सिक्योरिटी मनी’ जमा करनी होगी, जिसे बाद में वापस कर दिया जाएगा।
6 दिनों में कई ट्रांजेक्शन, खाते से उड़े लाखों
डर और दबाव में आकर शिक्षिका ने 19 से 25 मार्च के बीच अलग-अलग किश्तों में करीब 4 लाख 50 हजार रुपये दो अलग UPI खातों में ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद भी ठग लगातार पैसे की मांग करते रहे और धमकी दी कि अगर किसी को जानकारी दी गई, तो गंभीर नुकसान पहुंचाया जाएगा।
स्टाफ को बताने पर खुली ठगी की पोल
जब ठगों की मांग बढ़ती गई, तो पीड़िता ने स्कूल के सहकर्मियों से इस बारे में चर्चा की। यहीं से उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुकी हैं।
इसके बाद उन्होंने तुरंत थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि यह ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर की गई सुनियोजित ठगी है, जिसमें अपराधी डर और भ्रम का फायदा उठाते हैं।
क्या होता है ‘डिजिटल अरेस्ट’ फ्रॉड
इस तरह के मामलों में ठग खुद को पुलिस, CBI, ED या अन्य एजेंसियों का अधिकारी बताकर कॉल करते हैं और लोगों को डराकर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें
सुरक्षित रहने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
संदिग्ध कॉल मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें
कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती
जांच के नाम पर कभी पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहती
अज्ञात कॉल पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें









