Chhattisgarh

Jabalpur news:-क्राइस्ट चर्च कैथेड्रल में रविवार की प्रार्थना के दौरान हंगामा, पूर्व प्राचार्य एल. मैथ्यू को पुलिस थाने ले गई

Chaos erupts during Sunday prayers at Christ Church Cathedral; former preacher L. Mathew taken to police station

आज दिनांक 08 मार्च 2026 को क्राइस्ट चर्च कैथेड्रल, जबलपुर (CNI) में रविवार की प्रार्थना सभा के दौरान एक अप्रिय घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, पूर्व में पद से हटाए जा चुके प्राचार्य एल. मैथ्यू ने चर्च परिसर में पहुँचकर प्रार्थना सभा के दौरान व्यवधान उत्पन्न किया, जिससे आराधना की शांति और पवित्रता प्रभावित हुई।

घटना के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं तथा पास्टोरेट कमेटी के सदस्यों ने स्थिति को गंभीर मानते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए एल. मैथ्यू को पूछताछ के लिए ओमती थाना, जबलपुर ले गई। इस संबंध में चर्च के सदस्यों द्वारा लिखित शिकायत भी पुलिस को दी गई है।

चर्च के कई सदस्यों का आरोप है कि अपने प्राचार्य कार्यकाल के दौरान भी श्री मैथ्यू द्वारा कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, कई कर्मचारियों को मनमाने तरीके से हटाया गया तथा कुछ कर्मचारियों पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया। इसके अतिरिक्त विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय मामलों को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं।

समुदाय के लोगों का यह भी आरोप है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई निजी संपत्तियाँ अर्जित कीं, जिनमें तिलहरी स्थित डाट टाउनशिप में एक डुप्लेक्स, रेलवे ग्राउंड सेकंड ब्रिज के पास डाट रेजिडेंसी में तीन फ्लैट तथा गौर बरला रोड के पास बड़ी कृषि भूमि शामिल बताई जा रही है। इन आरोपों को लेकर समुदाय के लोगों ने निष्पक्ष जाँच की मांग की है।

यह भी बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में श्री मैथ्यू और उनके पुत्र द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर जबलपुर डायसिस (CNI) और ईसाई समुदाय के खिलाफ धर्मांतरण से जुड़े निराधार आरोप लगाए गए थे, जिससे समुदाय की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई थीं।

पिछले कुछ समय से श्री मैथ्यू द्वारा चर्च, डायसिस, बिशप, पास्टर और चर्च नेतृत्व के खिलाफ लगातार बयान और पत्र जारी कर संस्थान की छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं।

चर्च के जिम्मेदार सदस्यों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच कराई जाए और यदि कोई दोष सिद्ध होता है तो कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही चर्च की गरिमा और अनुशासन को बनाए रखने के लिए CNI संविधान के अनुसार कलीसियाई कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई है।

Nitin Lawrence

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