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लखनऊ पुलिस मुठभेड़ में रेलवे ठेकेदार हत्याकांड के 3 शूटर अरेस्ट, बिहार के रईश गिरोह के हैं शूटर

राजधानी लखनऊ में बिहार के हिस्ट्रीशीटर और रेलवे ठेकेदार वीरेन्द्र उर्फ गोरख ठाकुर की हत्या में शामिल तीन शूटर कासिफ, मुन्ना और मो. फैजल को पुलिस ने रविवार सुबह कैंट में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। तीनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है।

मुख्य आरोपित बिट्टू जायसवाल से वीरेन्द्र की हत्या की सुपारी लेने वाले फिरदौस ने इन तीन शूटरों के साथ हत्या की थी। अब इस घटना में शामिल फिरदौस और वीरेन्द्र की पहली पत्नी प्रियंका ही फरार है। इनके बारे में पुलिस को कई जानकारियां हाथ लगी है। उधर घायल शूटरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कैंट में 25 जून को रेलवे ठेकेदार की घर के अंदर घुसकर हत्या कर दी गई थी। वीरेन्द्र की दूसरी पत्नी खुशबुन तारा ने पहली पत्नी प्रियंका, उसके करीबी बिट्टू जायसवाल और बिहार के शातिर अपराधी फिरदौस को नामजद कराया था। सीसी फुटेज से इस घटना के बारे में कई सुराग मिले थे। शूटर वारदात के बाद लखनऊ में ही रात भर रुके थे।

फिर फिरदौस नेपाल भाग गया था। वारदात के बाद नेपाल में ही उसकी बिट्टू जायसवाल से मुलाकात भी हुई थी। सात दिन पहले ही पुलिस ने बिट्टू को गिरफ्तार कर लिया था। तब ही फिरदौस और इन शूटरों के बारे में कई जानकारियां मिली थी।

डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह ने बताया कि तीनों शूटर कैंट के लोको तिराहे के पास इन शूटरों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई थी। पुलिस को देखते ही इन बदमाशों ने गोली चला दी थी। जवाब में की गई फायरिंग में शूटर कासिफ, मुन्ना और फैजल घायल हो गये थे। मुन्ना के दोनों पैरों में गोली लगी जबकि अन्य दोनों शूटर के एक-एक गोली पैर में लगी।

बिहार के रईश गिरोह के हैं शूटर

एडीसीपी पूर्वी अली अब्बास के मुताबिक तीनों शूटर बिहार के गैंगस्टर रईश खान गिरोह के है। इस गिरोह की बिहार के शहाबुद्दीन गिरोह से पुरानी दुश्मनी चली आ रही है। वीरेन्द्र की हत्या के बाद शहाबुद्दीन गिरोह पर ही शक गया था। पर, बिहार गई पुलिस टीम को पता चला था कि शहाबुद्दीन गिरोह से इसका कोई ताल्लुक नहीं है।

फिरदौस अभी भी हाथ नहीं आया

डीसीपी प्राची सिंह ने बताया कि इस मामले में फिरदौस और वीरेन्द्र की पहली पत्नी प्रियंका अभी फरार हैं। फिरदौस पर 25 हजार रुपये का इनाम है और 50 हजार रुपये इनाम करने की संस्तुति की जा चुकी है। फिरदौस के नेपाल में होने के पुख्ता सुबूत मिले थे। नेपाल सीमा पर फिरदौस की मदद करने वाले कई लोग पुलिस की रडार पर है। दावा किया जा रहा है कि जल्दी ही फिरदौस को गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

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