Chhattisgarh

CG Budget 2026: भूपेश बघेल ने उठाया कस्टोडियल डेथ का मुद्दा, जीवन ठाकुर की मौत के मामले में विजय शर्मा ने दिया जवाब

CG Budget 2026: आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन है. वहीं प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृह मंत्री विजय बघेल को घेरते हुए प्रदेश में कस्टोडियल डेथ का मुद्दा उठाया. जिस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने जवाब दिया.

Related Articles

भूपेश बघेल ने उठाया प्रदेश में कस्टोडियल डेथ का मुद्दा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से सवाल किया कि जनवरी, 2025 से 31 जनवरी, 2026 की अवधि में राज्य के जेलों में कितनी अस्वाभाविक मृत्यु हुई हैं? क्या इन सभी प्रकरणों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप न्यायिक जांच पूर्ण कर ली गई है?

उन्होंने पूछा कि क्या कवर्धा जेल में बंद पंकज साहू की कस्टोडियल डेथ इस सूची में शामिल है? साथ ही जीवन ठाकुर का मामला उठाते हुए कहा कि वे कांकेर जेल में बंद थे, लेकिन उनकी मृत्यु रायपुर में हुई. क्या यह प्रकरण भी 66 मामलों में शामिल है?

विजय शर्मा ने दिया जवाब

इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि पंकज साहू की मृत्यु मांगी गई अवधि से पहले की है, इसलिए वह इस आंकड़े में शामिल नहीं है. वहीं जीवन ठाकुर को कांकेर से न्यायालय की अनुमति के बाद रायपुर लाया गया था.

भूपेश बघेल ने जीवन ठाकुर को फर्जी केस में फंसाने का लगाया आरोप

भूपेश बघेल ने कहा कि जीवन ठाकुर आदिवासी समाज के प्रमुख नेता थे और गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे, लेकिन जेल में उन्हें समुचित उपचार नहीं मिला. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी समाज ने प्रदर्शन भी किया था.

इस पर भूपेश बघेल ने सवाल उठाया कि कोई भी शुगर का मरीज जानबूझकर अपनी हालत क्यों बिगाड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि उस समय उनका बेटा भी उसी जेल में था, लेकिन दोनों को अलग रखा गया. उनका तर्क था कि बेटा बेहतर देखभाल कर सकता था. साथ ही कांग्रेस विधायकों को भी मिलने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया.

वे उपचार में सहयोग नहीं कर रहे थे – विजय शर्मा

गृह मंत्री ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जीवन ठाकुर के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के प्रमाण मिलने पर कार्रवाई की गई थी. 12 अक्टूबर 2025 को उन्हें जेल लाया गया था. उन्हें शुगर की बीमारी थी और तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल भेजा गया था, जहां परिजन उनसे मिलते रहे. उन्होंने यह भी बताया कि जेल अधीक्षक ने न्यायालय को सूचित किया था कि वे उपचार में सहयोग नहीं कर रहे थे.

विपक्ष ने किया वॉकआउट

सदन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक आदिवासी नेता की मौत को हत्या करार देते हुए मामले की जांच विधानसभा की समिति से कराने की मांग की. इस मुद्दे पर सदन में जमकर नारेबाजी हुई. विपक्षी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही से वाकआउट कर दिया.

Desk idp24

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!