Chhattisgarh

नाबालिग बेटी के गायब होने पर पिता पहुंचा हाईकोर्ट

बिलासपुर : नाबालिग लापता केस ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकंडा थाना क्षेत्र के एक पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के रहस्यमयी ढंग से गायब होने के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका दायर कर अपनी बेटी की जल्द बरामदगी की मांग की है।

याचिका के अनुसार, 18 फरवरी 2026 की सुबह करीब 9:45 बजे लड़की घर से यह कहकर निकली थी कि वह सार्वजनिक शौचालय जा रही है। लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिवार ने तुरंत सरकंडा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। हालांकि, कई दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 3 मार्च को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शिकायत दी गई।

जांच के दौरान पिता को पता चला कि उनकी बेटी रोज मजदूरी के लिए रपटा चौक शनिचरी जाती थी। ठेकेदार देवा से पूछताछ में सामने आया कि उसी दिन से गोलू साहू और रिंकू साहू नाम के दो मजदूर भी काम पर नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा मधुबन दयालबंद निवासी नानू वर्मा की पत्नी सुनीता कैवर्त भी उसी दिन से लापता है।

इन तथ्यों के आधार पर पिता ने आशंका जताई है कि उनकी बेटी के अपहरण में इन लोगों का हाथ हो सकता है। बिलासपुर नाबालिग लापता केस की सुनवाई हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में हुई, जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 को होगी।

Desk idp24

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!