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नितिन पोटाई ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र,फड़ मुंशियों को जन घोषणा अुनुरूप 25000 देने की मांग

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कांकेर।राज्य अजजा आयोग के पूर्व सदस्य और जिला वनोपज सहकारी संघ कांकेर के अध्यक्ष नितिन पोटाई ने छ.ग. के मुख्यमंत्री विष्णुसाय को पत्र लिखकर तेन्दूपत्ता फड़मुंशियों को घोषणा अनुरूप उनके कमीशन के अतिरिक्त 2500 वार्षिक मानदेय दिये जाने हेतु मांग किया है।

अपने लिखे पत्र में नितिन पोटाई ने उल्लेख करते हुए कहा कि फड़मुंशी वनोपज के संग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है उनके द्वारा न केवल वनोपज संग्रहण के कार्य को पूरा किया जाता है वरन् संग्राहकों को बीमा उनके पुत्र-पुत्रियों को छात्रवृति तथा सर्वे जैसा कार्य भी किया जाता है। फड़ मुंशी लघु वनोपज संग्राहण में  रीढ़ के हड्डी के समान होता । अतः इनके कार्यो को देखते हुए इनकी  मांग उचित प्रतीत होता है । वर्तमान में प्रदेश के 31 जिला यूनियन में 902 प्राथमिक समितियों के अंतर्गत लगभग 11000 फड़ मुंशी वनोपज संग्राहण के कार्य में संलग्न है जिनके द्वारा 13 लाख 50 हजार वनोपज संग्राहक परिवारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। जिनमें से अधिकांश गरीब एवं आदिवासी वर्ग के है। जिनके आर्थिक व सामाजिक उन्नति के लक्ष्य के पूर्ति में भी फड़ मुंशी सहायक सिद्ध हो रहे है।

         नितिन पोटाई ने आगे कहा कि भाजपा द्वारा छ.ग. के विधानसभा चुनाव 2023 के अपने चुनावी घोषणा पत्र में  छ.ग. में भाजपा की सरकार बनने पर तेन्दूपत्ता फड़मुशियों को उनके कमीशन के अतिरिक्त 25,000 वार्षिक मानदेय राशि दिये जाने की घोषणा की गई थी। वर्तमान में छ.ग. में भाजपा की सरकार बने हुए एक वर्ष ज्यादा हो चुका है। लेकिन फड़मुशियों को कमीशन के अतिरिक्त 25000 वार्षिक मानदेय नहीं दिये जाने से रोष उत्पन्न हो रहा है। प्रदेश के फड़ मुंशी समय पर मानदेय नहीं मिलने से शाखकर्तन जैसे महत्पूर्ण कार्य को करने से कतरा रहे है जिससे तेन्दूपत्ता उत्पादन घटने की संभावना है  जिसका सीधा असर सरकार के साथ साथ संग्राहको नुकसानी के तौर पर देखा जा सकता है।

       अतः सरकार प्रदेश के तेन्दूपत्ता फड़ मुंशियों के कार्यों के मूल्याकंन के आधार पर जनघोषणा अनुरूप प्रदेश के 11,000 हजार तेन्दूपत्ता फड़मुशियों कोे कमीशन के अतिरिक्त 25,000 हजार रूपये वार्षिक मानेदय देने हेतु तत्काल आवश्यक कार्यवाही करें।

Surendra Sahu

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