राजनांदगांव में बोले राहुल गांधी ‘हमने जो कहा था उसे पूरा किया’, चुनाव से पहले फिर दी लोगों को गारंटी

राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ विधानसभा की वह सीट जहां पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के दिग्गज नेता पहुंचे हुए है। यहां पर चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। यह वह सीट है जहां से बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। जबकि कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा था। अब इस बार के चुनाव में कांग्रेस जीत दर्ज करना चाहती है। इसके लिए कांग्रेस के राहुल गांधी चुनावी सभा कर रहे हैं।
बता दे कि 7 नवंबर के दिन प्रदेश में पहले चरण में चुनाव होने है। इसके लिए प्रचार प्रसार तेजी से हो रहे हैं। रविवार के दिन राहुल गांधी ने राजनांदगांव में जनसभा को संबोधित किया। यहां जनता को संबोधित करते हुए चिर परिचित अंदाज में अपनी पार्टी के किए कार्यों को गिनाया। कहा की कांग्रेस गरीब मजदूर छोटे व्यवसायियों की सरकार है। वही बीजेपी को कहा “भाजपा उद्योगपतियों की सरकार हैं” इसलिए उद्योगपतियों का कर्ज माफ करती है। शिक्षा और स्वास्थ्य को बेचने का काम करती है। मैं आज किसान मजदूर भाइयों से मिला। किसानों ने खुशी जाहिर की है, लेकिन भूमिहीन जो कृषि मजदूर है। उन्होंने सरकार द्वारा मिलने वाली 7 हजार रुपए को कम बताया। मैंने भी इस पर विचार किया। कांग्रेस की सरकार बनते ही इस राशि को 10 हजार रुपए करेंगे।
जो वादे किए थे वो पूरे किए है
चुनावी जनसभा ने राहुल गांधी ने कहा कि ‘ पांच साल पहले इसी तरह की बैठक में भूपेश बघेल, मैंने और कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेताओं ने छत्तीसगढ़ की जनता से तीन-चार वादे किए थे। सबसे बड़ा वादा था कि किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। हमने यह भी कहा था कि छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का दाम 2500 रुपए प्रति क्विंटल मिलेगा लेकिन आज हम राज्य में किसानों को 2,640 रुपए प्रति क्विंटल(धान का दाम) प्रदान कर रहे हैं। इससे प्रदेश में 26 लाख किसानों को लाभ मिला। अभी जो धान की कीमत की है हम इसे आने वाले समय में 3000 प्रति क्विंटल तक ले जाएंगे।’
विपक्ष पर बोला हमला
चुनावी जनसभा में राहुल गांधी ने अपनी योजनाओं की गारंटी देने के साथ ही विपक्ष पर भी जमकर हमला बोला। एक बार फिर बीजेपी को बिजनेसमैन के लिए और 90 आईएएस की सरकार चलाने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने मंच से पूछा कि बीजेपी ने कौन से स्टेट में कर्जा माफ किया है यह बताए। इसके साथ ही कांग्रेस की जातिगत जनगणना को पब्लिक करने का कहा।









