Chhattisgarh

दिल दहला देने वाली वारदात…तंत्र मंत्र के बहकावे में मां ने बेटी की ले ली जान

रांची। झारखंड के हजारीबाग जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की संवेदनशीलता और इंसानियत दोनों को झकझोर दिया है। अंधविश्वास और तंत्र मंत्र के चक्कर में एक महिला ने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला, कथित तांत्रिक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।

Related Articles

बीमार बेटे के इलाज के नाम पर रची गई साजिश

यह घटना हजारीबाग के कुसुमभा गांव की है। जानकारी के अनुसार, महिला का नाबालिग बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ था। बेटे के इलाज की उम्मीद में महिला ने एक तांत्रिक से संपर्क किया। तांत्रिक ने इलाज का भरोसा दिलाते हुए एक भयावह शर्त सामने रखी।

कुंवारी लड़की की बलि की बात में फंसी महिला

तांत्रिक ने महिला से कहा कि उसके बेटे को ठीक करने के लिए एक कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी। अंधविश्वास में फंसी महिला इस झांसे में आ गई और उसने अपनी ही बेटी को निशाना बना लिया।

नवरात्र के दिन वारदात को दिया अंजाम

24 मार्च को नवरात्र की अष्टमी के मौके पर, जब गांव में उत्सव का माहौल था, उसी दौरान महिला ने अपनी बेटी की हत्या कर दी। इस अमानवीय घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला, तांत्रिक और उसके सहयोगी को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

अंधविश्वास बना सबसे बड़ा खतरा

यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास की खतरनाक सच्चाई को उजागर करती है, जहां झूठे दावों और डर के कारण लोग ऐसे कदम उठा लेते हैं, जिनकी कल्पना भी मुश्किल है।

Surendra Sahu

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!