रायगढ़ के परीक्षा केंद्र में नकल का खेल, पैसे नहीं देने पर छात्रों को रोका

रायगढ़। जिले के खरसिया क्षेत्र से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बर्रा ओपन परीक्षा केंद्र में छात्रों से 8 से 12 हजार रुपये लेकर नकल कराने और पर्चियां उपलब्ध कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि पैसे देने से इनकार करने वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने तक नहीं दिया गया, जिससे केंद्र में हंगामा खड़ा हो गया।
छात्रों ने खोली पोल, लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित छात्रों का आरोप है कि केंद्राध्यक्ष ज्ञानसागर राठिया, सहायक केंद्राध्यक्ष रामधन राठिया और प्रभारी प्राचार्य रामगोपाल राठिया इस पूरे खेल में शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि पैसे लेने के बदले न केवल पर्चियां दी जा रही थीं, बल्कि बाहरी लोगों से उत्तर लिखवाने तक की व्यवस्था की गई थी। इस पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
विरोध करने पर 7 छात्रों को रोका गया
बताया गया कि 1 अप्रैल को कुछ छात्रों ने इस अवैध व्यवस्था का विरोध किया। इसके बाद कार्रवाई के बजाय उल्टा 7 छात्रों को परीक्षा देने से रोक दिया गया। इस फैसले से नाराज छात्रों ने केंद्र में विरोध जताया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस, मामला शांत
विवाद बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला और किसी तरह मामला शांत कराया। हालांकि इस घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जांच के आदेश, कार्रवाई के संकेत
खरसिया के बीईओ लक्ष्मीनारायण पटेल ने बताया कि बर्रा हाई स्कूल में चल रही ओपन परीक्षा को लेकर अनियमितताओं की शिकायत मिली है। उड़नदस्ता टीम पहले भी जांच कर चुकी है और अब फिर से परीक्षा के दौरान निगरानी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नकल या गड़बड़ी साबित होती है तो केंद्राध्यक्ष और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी







