Chhattisgarh

बस्तर का विकास: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को पेश किया नई तस्वीर

पीएम मोदी से भेंट में बस्तर के विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की विकास योजना पेश की। बैठक में मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खत्म होने के बाद राज्य में स्थापित शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और बस्तर में विकास, रोजगार और बेहतर बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत ब्लूप्रिंट सौंपा। उन्होंने पीएम को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण भी दिया, जहां कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है।

बस्तर में शांति और विकास का नया दौर

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और शांति स्थापित है। शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह ब्लूप्रिंट बस्तर में विकास, रोजगार और सुविधाओं का नया युग लेकर आएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा दस साल पहले बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब साकार हो रहा है। नक्सलवाद के अंत के बाद लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। पीएम के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

विकास ब्लूप्रिंट: ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’

मुख्यमंत्री ने अपने दस्तावेज़ में इस रणनीति को आधार बनाकर बुनियादी सुविधाओं के तेजी से विस्तार का लक्ष्य रखा है।

  • दूरदराज के गांवों को सड़कों के व्यापक जाल से जोड़ा जाएगा।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्य 2027 तक पूरे होंगे।
  • 228 नई सड़कें और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है।
  • 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता मांगी गई है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव

  • हर घर तक बिजली पहुंचाने का कार्य तेज किया जाएगा।
  • 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा।
  • युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।

कृषि और सिंचाई में नए प्रोजेक्ट

इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार में दो बड़े प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। ये परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी।

आय और आजीविका बढ़ाने की योजना

सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना अब 10 जिलों से बढ़कर अतिरिक्त 7 जिलों और 3 नए जिलों तक विस्तारित की जा रही है।

स्टार्टअप और पर्यटन को बढ़ावा

‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति लागू की गई है। 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

पर्यटन क्षेत्र में बस्तर की वैश्विक पहचान बढ़ाने के लिए चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं।

‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम से हर ग्राम में सरकारी योजनाओं की पहुंच

मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम को मुख्य पहल बताया। इसके तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहां अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को योजनाओं का लाभ सीधे मिलेगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और समस्याओं का मौके पर समाधान होगा। इसका उद्देश्य हर व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की सहज पहुँच सुनिश्चित करना है।

प्रस्तावित परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के दौरान रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज और जगरगुंडा तथा ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।


Desk idp24

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