Chhattisgarh

गोबर से बने सूटकेस से निकली खुशियों की सौगात:हर वर्ग के लिए खुला खुशियों का पिटारा

रायपुर। देश में पहली बार ऐसा कोई राज्य है जिसने गोबर से बने सूटकेस में बजट पेश किया और ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया। छत्तीसगढ़ पहले से ही अपने नवाचार और प्रतिभाओं के आगे देश के विभिन्न राज्यों को अपने आगे घुटने टिकवाता रहा है, तो वहीं विदेशों में भी छत्तीसगढ़ की एक अलग पहचान बन चुकी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट पेश करने के लिए जिस सूटकेस का इस्तेमाल किया उसे पूरी तरह गोबर के पाउडर से तैयार किया गया है। छत्तीसगढ़ में मान्यता है कि गोबर महालक्ष्मी का प्रतीक है। इसी से प्रेरणा लेते हुए समूह ने यह सूटकेस बनाया ताकि मुख्यमंत्री के हाथों छत्तीसगढ़ के हर घर में बजट रूपी लक्ष्मी का प्रवेश हो।
1लाख 4 हजार करोड का चौथा बजट पेश कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जैसे ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की वैसे ही कर्मचारीयों ने होली और दिवाली एक साथ मना ली। वहीं परीक्षा शुल्क माफ कर युवाओं का दिल भी जीत लिया। ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने इस बजट में पूरी जान फूंक दी। तो दूसरी ओर जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया।

एक नजर बजट पर

पंचायतों के जिम्मे रेत खदान

ग्राम पंचायतों को पहले से अधिक आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए अधिसूचित क्षेत्रों में रेत खदानों का संचालन पंचायतों द्वारा किया जाएगा। उनकी सहमति के बिना कोई खदान संचालित नहीं होगी।

जनप्रतिनिधियों की लगी लॉटरी

इस बजट में सरकार ने जनप्रतिनिधियों को मदद के लिए मजबूत बनाया है। विधायकों की निधि दो करोड़ से बढ़ाकर 4 करोड़ कर दी गई है। वहीं जिला पंचायत विकास निधि योजना में 22 करोड़ और जनपद पंचायत विकास निधि योजना में 66 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बात करें मानदेय की तो जिला पंचायत अध्यक्ष का मानदेय 15000 से बढ़ाकर 25000, जिला पंचायत उपाध्यक्ष का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 15000 और जिला पंचायत सदस्य का मानदेय 6000 से बढ़ाकर 10000 प्रतिमाह किया गया है।

स्वास्थ्य सुरक्षा,बढ़ेगी सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा , स्वास्थ्य क्षेत्र में कुपोषण से हम जंग जीत रहे हैं । विभिन्न सुपोषण योजनाओं एवं मुख्यमंत्री पोषण अभियान के प्रयास से विगत 3 वर्षों में कुपोषण की दर 8.7 % की कमी आई । मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान प्रारंभ करने के बाद साल 2019 में से अब तक 172000 बच्चे कुपोषण के कुचक्र से बाहर निकाला गया।
मुख्यमंत्री ने इस बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर खास ध्यान दिया है। अस्पतालों में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ चिकित्सकों और कर्मियों की कमी को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। इससे सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। सुकमा के जगरगुंडा में 30 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू किया जा रहा है। राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ में 50 बिस्तर का सिविल अस्पताल खुलेगा। दुर्ग जिले के अहिवारा को भी 10 बिस्तर अस्पताल की सौगात मिली है। वही काम कर और अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में उपकरण खरीदी के लिए 37 करोड दिए गए।

32 नए आत्मानंद स्कूल की शुरुआत, शिक्षा के नए आयाम

हिंदी माध्यम बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए अंग्रेजी की ही तरह 32 हिंदी माध्यम स्वामी आत्मानंद स्कूल खोले जाएंगे । मेडिकल कॉलेज रायपुर में स्नातक छात्र – छात्राओं के हॉस्टल निर्माण और कर्मचारियों के आवास निर्माण हेतु 10.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुंगेली में शासकीय कन्या महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। बस्तर,बासीन और माकड़ी में शासकीय महाविद्यालय खुलेंगे। 40 उच्च विद्यालय एवं 17 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के नवीन भवन तैयार होंगे, इसके लिए 50 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। सरकारी कालेजों को बेहतर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वही सेकेंडरी स्कूल अब सीनियर सेकेंडरी होंगे।

पीएससी व्यापम फीस से मुक्त हुए युवा

छत्तीसगढ़ लोक सेवा द्वारा आयोजित व्यापम और पीएससी की परीक्षा शुल्क से प्रदेश के युवा मुक्त हो गए हैं। दोनों परीक्षाओं में भाग लेने वाले छात्रों को औसतन ₹5000 सालाना शुल्क परीक्षा में शामिल होने के लिए लगता है परीक्षा निशुल्क होने के बाद लगभग परीक्षार्थियों का 30 करोड़ हर साल बचेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में फोकस

नरवा गरवा घुरवा बारी पर प्रदेश सरकार ज्यादा फोकस करेगी। गो धन न्याय योजना प्रदेश में चाय काफी बोर्ड की स्थापना पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ द्वारा छत्तीसगढ़ हर्बल के नाम से ब्रांड किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 60 करोड़ कृषि यंत्रों के वितरण एवं प्रचार प्रसार के लिए 87 करोड रुपए योजना लाई गई।

बस्तर संभाग में रेशम पालकों को मदद देने के लिए राज्य में ही रैली ककून संग्रहण कर धागा उत्पादन किया जाएगा। जगदलपुर विकासखंड के ग्राम नानगुर में ककून बैंक की स्थापना होगी।

जनजातियों के साथ होगा न्याय

सांसद राहुल गांधी की मंशा के अनुरूप भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की सहायता राशि 6000 से बढ़ाकर ₹7000 की गई है। इसके दायरे में अब आदिवासी बैगा गुनिया पुजारी मांझी भी शामिल है।

बसेंगे गांधी के गांव

गौठान को महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। इन्हें विकसित करने के लिए 600 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्य रूप से महात्मा गांधी के नाम पर बनाए गए इस गांव में एक ही जगह लघु और कुटीर उद्योग स्थापित होंगे और सब चीजें यही बनेंगे और यहीं से बिक्री होगी।

रोजगार मिशन की शुरुआत

कौशल विकास कार्यक्रम का विभिन्न नवाचार योजनाओं के साथ संबंध में करते हुए छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन की शुरुआत करने के लिए 2 करोड रुपए का प्रावधान लाया गया है। इसके तहत अंबेडकर अस्पताल में हृदयरोग विभागों में 150 पदों पर भर्ती होगी। पीएचक्यू स्तर पर सामान्य शाखा के लिए निरीक्षक के 10 नवीन पद, अजाक शाखा के लिए 18, रेल शाखा 13, विभिन्न शाखाओं के लिए 23 नए पदों, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय एवं नवगठित जिलों में विभिन्न शाखा के लिए 137 नए पदों के सृजन का प्रावधान है।

पेंशन योजना हुआ बहाल

पुरानी पेंशन बहाल होने से प्रदेश के 3 लाख से अधिक अधिकारियों कर्मचारियों को फायदा होगा। पुरानी पेंशन बहाल होने से सरकार का जो 10% अंशदान प्रतिमाह 111 करोड रुपए एनएसडीएल कंपनी में देता था वह बचेगा। साथ ही कर्मचारियों का भी 10% अंशदान 111 करोड़ रुपए बचेगा।

इसके अलावा मानव तस्करी की रोकथाम के लिए राज्य स्तर पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग ब्यूरो तथा सतर्कता एवं शिकायत सेल का गठन किया जाएगा। इसके लिए 23 नए पद सृजित किए जाएंगे।

प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 309 बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीदी के लिए भी 3 करोड रुपए रखे गए हैं।

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना को 14 नगर निगमों से बढ़ाकर अब सभी नगर पालिका व नगर पंचायतों में लागू किया जाएगा इसके लिए बजट में 50 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

नारायणपुर जिले में आदिवासी विद्यार्थियों के मलखंब कौशल को निखारने के लिए मलखंब एकेडमी की स्थापना के लिए दो करोड़ 83 लाख रुपए की योजना लाई गई है।
बस्तर संभाग में कार्यरत सहायक आरक्षकों को वेतन भत्तों और पदोन्नति का लाभ देने के लिए डिस्ट्रक्ट स्ट्राइक फोर्स के नाम से नया कैडर भी बनेगा।
दुर्ग में कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए इंटीग्रेटेड पैक हाउस बनेगा। इसके लिए ₹24 करोड रखे गए हैं। कीटनाशक अवशेषों की जांच के लिए फाइटोसैनिटरी प्रयोगशाला भी बनाई जाएगी।

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