नाबालिग को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, आरोपी को 20 साल की कठोर सजा; भाटापारा कोर्ट का सख्त फैसला

बलौदाबाजार। भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश भाटापारा सतीश कुमार जायसवाल की अदालत ने आरोपी किशोर वर्मा उर्फ दरुहा को 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार पीड़िता के भाई ने 2 अप्रैल 2024 को भाटापारा ग्रामीण थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बहन 1 अप्रैल को दोपहर करीब 3:30 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई है। आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई गई।
विवेचना के दौरान 12 सितंबर 2024 को पीड़िता और आरोपी को परिजन थाने लेकर पहुंचे। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी किशोर वर्मा, निवासी ग्राम इटई थाना नांदघाट जिला बेमेतरा, उससे प्रेम का दावा करता था और शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ इंदौर ले गया। वहां उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई और बाद में उसका गर्भपात हो गया।
पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी उसे इंदौर से भोपाल अपने रिश्तेदारों के यहां ले गया था, जहां से उसने अपने माता-पिता को फोन कर पूरी जानकारी दी। इस दौरान आरोपी उसके साथ मारपीट भी करता था। बाद में उसके पिता और भाई भोपाल से उसे वापस भाटापारा लेकर आए।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर गवाहों के बयान दर्ज किए और अन्य आवश्यक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने सभी साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत करते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की।
सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे धारा 363 के तहत 3 वर्ष, धारा 366 के तहत 5 वर्ष और पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ अलग-अलग अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ भुगतने का आदेश दिया है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक पुष्पा राठौर ने की थी।









