दिल्ली हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: उत्तर प्रदेश निवासी को DTC में ड्राइवर पद पर नियुक्ति

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली परिवहन निगम (DTC) में ड्राइवर के पद पर नियुक्ति देने का आदेश सुनाया। यह निर्णय जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने सुनाया। अदालत ने याचिकाकर्ता को दो महीने के भीतर नियुक्ति देने का निर्देश दिया, जो पिछले 17 साल से कानूनी जंग लड़ रहे थे। मामला आरक्षण नीति से जुड़ा था, जिसमें उम्मीदवार उत्तर प्रदेश का निवासी होने के बावजूद दिल्ली में नौकरी पाने से वंचित थे।
दूसरे राज्य का आरक्षण दिल्ली में मान्य
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है और यहां देशभर के अलग-अलग राज्यों के लोग नौकरी के लिए आते हैं। ऐसे में किसी अन्य राज्य में निर्धारित अनुसूचित जाति (SC) आरक्षण का दिल्ली में लागू होना कानूनसम्मत है। बेंच ने यह भी कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में संबंधित विभाग को उम्मीदवार की वर्तमान योग्यता का मूल्यांकन करने का अधिकार रहेगा।
46 साल की उम्र में नौकरी का सपना साकार
याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने 2009 में दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) के माध्यम से DTC ड्राइवर पद के लिए आवेदन किया था। उस समय उनकी उम्र 29 साल थी। उन्होंने लिखित परीक्षा और कौशल परीक्षण दोनों में सफलता प्राप्त की। लेकिन दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान विभाग ने उम्मीदवारी खारिज कर दी, यह कहकर कि दिल्ली में उनकी जाति अनुसूचित जाति आरक्षण श्रेणी में नहीं आती।
हाईकोर्ट ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति श्रेणी में आने वाले उम्मीदवार को दिल्ली में भी उसी का लाभ मिल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का संदर्भ
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के 2018 के बीर सिंह बनाम दिल्ली जल बोर्ड मामले का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में दूसरे राज्य के लोग अपने राज्य में मिले SC/ST आरक्षण का लाभ ले सकते हैं। अदालत ने पुनः यह स्पष्ट किया कि नौकरी पर रखने से पहले विभाग उम्मीदवार की वर्तमान योग्यता का मूल्यांकन कर सकता है।
अब दो महीने में नियुक्ति
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को दो महीने के भीतर DTC में ड्राइवर के पद पर नियुक्ति दी जाए। यह फैसला न केवल लंबे समय से लड़ रहे उम्मीदवार के लिए राहत है, बल्कि अन्य राज्यों के SC/ST उम्मीदवारों के लिए भी महत्वपूर्ण मिसाल बनता है।









