National

Fake Invoice Racket का हुआ भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

दिल्ली /  सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (सीजीएसटी) दिल्ली साउथ कमिश्नरेट ने 17 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फर्जी दावा करने वाली फर्मों के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है और इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान संजय कुमार श्रीवास्तव और सुनील गुलाटी के रूप में हुई है। जिसके बाद दोनों को ड्यूटी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

एक अधिकारी ने कहा कि सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (सीजीएसटी) दिल्ली साउथ कमिश्नरेट के अधिकारियों द्वारा कुछ फर्जी फर्मों के बारे में एक विशिष्ट खुफिया जानकारी विकसित की गई थी, जो केवल माल कम चालान बनाने और श्रृंखला के साथ अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने के उद्देश्य से बनाई गई थीं।

सीजीएसटी दिल्ली दक्षिण कमिश्नरेट (आयुक्तालय) के अधिकार क्षेत्र में पंजीकृत 3 फर्जी फर्मों/कंपनियों क्रमश एम/एस नेक्सजेन बुसीकॉर्प, एम/एस एक्सईएल इन्फोमेटिक और एम/एस जीडब्ल्यू इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के परिसरों में निरीक्षण किए गए जो कथित रूप से फर्जी चालान और सर्कुलर ट्रेडिंग में लगी हुई थीं।

इन फर्मों के लेन-देन की अब तक की गई प्रारंभिक जांच में करीब 17 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। एक अधिकारी ने कहा कि निदेशक ने अपने इकबालिया बयान में माल की आपूर्ति के बिना फर्जी आईटीसी पास करने और प्राप्त करने में अपनी भूमिका स्वीकार की है।

इन फर्जी फर्मों के पीछे के लोगों ने सरकारी खजाने को धोखा दिया है और सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 132(1)(बी) और 132(1)(सी) के तहत निर्दिष्ट अपराध किए हैं जो सं™ोय और गैर-जमानती हैं।

Desk idp24

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!