Chhattisgarh

सरगुजा में हेड मास्टर समेत 11 पर गिरी गाज, पर ‘बड़े लोगों’ के चहेते शिक्षकों की अब भी मौज

Surguja: सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी ने युक्तियुक्तकरण के आदेश का पालन नहीं करने वाले एक हेड मास्टर सहित 11 सहायक शिक्षकों को निलंबित कर दिया है. युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा गया था. जहां शिक्षकों की संख्या बेहद कम थी, लेकिन इन शिक्षकों ने वहां ज्वाइन करने से इनकार कर दिया और कई शिक्षक हाई कोर्ट चले गए, जहां हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि आप एक बार जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के पास जाकर अपनी बात रखें, इसके बाद शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण समिति के पास अपनी बातें रखी लेकिन शिक्षकों के तर्क को मानने से समिति ने इनकार कर दिया और उन्हें युक्तियुक्तकरण के तहत जारी किए गए.

DEO ने हेड मास्टर सहित 11 सहायक शिक्षकों को किया सस्पेंड
आदेश के मुताबिक स्कूलों में ज्वाइन करने के लिए कहा लेकिन शिक्षक इसके बावजूद दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में पढ़ाने के लिए नहीं गए और फिर 6 महीने का वक्त गुजर जाने के बावजूद जब आदेश का पालन नहीं हुआ तब जाकर जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबित करने का आदेश जारी किया है.

जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा ने सभी शिक्षकों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है इसके तहत प्रधान पाठक निर्मला तिर्की, सहायक शिक्षक, अंजुला श्रीवास्तव, अल्पना गुप्ता, मधु गुप्ता, गीता चौधरी, गीता देवी, अजय कुमार मिश्रा, बिंदु जायसवाल, विजय कुमार, भीषम सिंह को सस्पेंड किया गया है. वहीं इससे पहले संयुक्त संचालक शिक्षा ने भी 6 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की थी.

युक्तियुक्तकरण को लेकर हुआ था विवाद
युक्तियुक्तकरण को लेकर खूब विवाद हुआ था और तब आरोप लगाया गया था कि अफसरों ने अपने पसंदीदा शिक्षकों और पहुंच रखने वाले शिक्षकों को शहर से दूर नहीं भेजा और कई शिक्षक अभी भी शहर और उसके आसपास के स्कूलों में जमे हुए हैं. यही वजह है कि शिक्षकों में अभी भी इसे लेकर नाराजगी है.

माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शिक्षक इसे लेकर भी आगे आ सकते हैं और प्रदर्शन कर सकते हैं. जानकारी तो यह भी है कि कई नेताओं और अफसरो के रिश्तेदार और उनकी पत्नियों शहर के आसपास की स्कूलों में ही नौकरी कर रहे हैं जबकि जिनकी पहुंच नहीं थी उन्हें दूरस्थ इलाकों में पोस्टिंग किया गया था हालांकि अभी भी दूरस्थ क्षेत्र के कई ऐसे स्कूल हैं जहां शिक्षकों की कमी बनी हुई है और इसकी वजह से शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है.

Desk idp24

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