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US से डिपोर्ट किए जा रहे निर्वासित भारतीयों का तीसरा जत्था पहुंचा, 112 लोगों के साथ अमृतसर में लैंड हुआ अमेरिकी वायुसेना का जहाज

अमेरिका से 112 भारतीयों का तीसरा जत्था अमृतसर पहुँचा. ये लोग अमेरिका में अवैध रूप से रहने के कारण डिपोर्ट किए गए थे. अमेरिकी वायुसेना का C-17 ग्लोबमास्टर विमान अमृतसर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग 10 बजे लैंड हुआ. यह ऐसा तीसरा विमान था, जो पिछले 10 दिनों में भारत वापस भेजे गए अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर आया है. इस प्रक्रिया का हिस्सा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन द्वारा चलाए गए अवैध आप्रवासी विरोधी अभियान के रूप में देखा जा रहा है.

डिपोर्ट किए गए भारतीयों का विवरण

इस 112 लोगों के जत्थे में विभिन्न राज्यों से लोग शामिल हैं. इनमें से 44 लोग हरियाणा, 33 गुजरात, 31 पंजाब, 2 उत्तर प्रदेश, और एक-एक उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से हैं. इन निर्वासितों में कई परिवार भी शामिल हैं, जिनके परिजन अमृतसर हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने के लिए मौजूद थे.

प्रवासन प्रक्रिया और व्यवस्थाएं

विमान की लैंडिंग के बाद सभी डिपोर्टियों का आव्रजन, सत्यापन और बैकग्राउंड चेक की प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद उन्हें अपने गृह राज्य में लौटने की अनुमति दी गई. अधिकारियों ने उनके घर जाने के लिए परिवहन की भी व्यवस्था की थी.

अमेरिकी विमानों से डिपोर्टेशन की श्रृंखला

इससे पहले शनिवार रात को अमेरिकी वायुसेना के एक और विमान में 116 भारतीयों का जत्था अमृतसर पहुंचा था. इन डिपोर्टियों में से कई ने दावा किया कि यात्रा के दौरान उन्हें हथकड़ी और पैर में बेड़ियाँ डाली गई थीं. कुछ सिख युवाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना पगड़ी के यात्रा करनी पड़ी.

इन 116 डिपोर्टियों में से 65 लोग पंजाब, 33 हरियाणा, 8 गुजरात, 2 उत्तर प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान से थे, और एक-एक व्यक्ति हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से थे.

पहला जत्था और पुनः आरोप

5 फरवरी को अमृतसर पहुंचे पहले जत्थे में 104 भारतीय थे, जिनमें 13 बच्चे भी शामिल थे. डिपोर्ट किए गए लोगों ने बताया कि विमान में यात्रा करते समय उन्हें कड़ी सुरक्षा में रखा गया था, लेकिन अमृतसर पहुंचने के बाद उनकी बेड़ियाँ खोल दी गईं.

अब तक, अमेरिका से कुल 332 भारतीयों को तीन विमानों के जरिए भारत वापस भेजा जा चुका है. यह प्रक्रिया लगातार जारी है, और भारतीय सरकार और अधिकारियों द्वारा इसे लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं.

Surendra Sahu

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