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Iran Supreme Leader: कौन हैं मोजतबा, खामेनेई की मौत के बाद संभाली ईरान की कमान, बने नए सुप्रीम लीडर

Iran New Supreme Leader: अमेरिका-इजरायल ने शनिवार को ईरान पर हमला कर दिया. इस हमले में ईरान के सुप्रीमों खामेनेई समेत कई लोगों की मौत हो गई है. खामेनेई की मौत की पुष्टि ईरानी की सरकारी मीडिया और सेना ने की है. इसके अलावा ट्रंप ने खामेनेई की मौत का दावा किया है. खामेनेई की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल था कि ईरान की सत्ता कौन संभालेगा. अब वह भी क्लियर हो गया है. खामेनेई के बड़े बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है. इसकी पुष्टि ईरान की सरकारी मीडिया ने की है.

ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, शनिवार 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजरायल हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई है. जिसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है. मोजतबा खामेनेई भी काफी समय से राजनीति में सक्रिय हैं. उनका नाम सबसे पहले साल 2009 में विरोध प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आया था. इस दौरान उन पर आरोप लगे थे कि उन्होंने प्रदर्शन को दबाने का प्रयास किया था. यहीं से उन्होंने राजनीति में एंट्री की थी.

कौन हैं मोजतबा खामेनेई?

मोजतबा खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अली खामेनेई के बड़े बेटे हैं. उनका जन्म 1969 में मशहद शहर में हुआ. मोजतबा काफी समय से अपने पिता के साथ कार्य करते रहे हैं. उन्होंने ईरान और ईराक के युद्ध के अंतिम समय में रिवोल्यूशनरी गार्ड में भी काम किया है. मोजतबा के बारे में कहा जाता है कि वे हमेशा पर्दे के पीछे रहकर बड़े फैसलों में अपनी भूमिका निभाते थे. लेकिन भले ही उनके पिता ईरान के सुप्रीम लीडर रहे, इसके बावजूद भी उन्होंने कोई बड़ा सरकारी पद नहीं संभाला. मोजतबा के सेना और अर्ध्दसैनिक बलों से भी अच्छे संबंध बताए जाते हैं.

पिता के करीबियों को मैनेज करते थे मोजतबा

मोजतबा खामेनेई भले ही किसी बड़े पद पर नहीं रहे, लेकिन वे लंबे समय से सरकार के पीछे की शैडो पावर माने जाते थे. वे IRGC के जरूरी अपॉइंटमेंट्स को भी कंट्रोल करते थे. इसके अपने पिता अली खामेनेई के करीबी लोगों को मैनेज करते थे. मोजतबा खामेनेई के सुप्रीम लीडर बनने पर भी विवाद गहराता जा रहा है. क्योंकि 1979 की क्रांति के बाद वंश के आधार पर सत्ता देने का विरोध किया गया था. फिलहाल, हालात के देखते हुए मोजतबा को मजबूत नेता माना जा रहा है. अब देखना यह होगा कि आखिर मोजतबा इस संघर्ष के बीच क्या निर्णय लेते हैं.

Desk idp24

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